फ़ज्र की नमाज़ के बाद कसरत से पढ़ने से इंसान दूसरों की मोहताजी से बचता है। सलामती देने वाला
कुरान मजीद के सूरह आराफ़ (आयत 180) में हुक्म है, "और अल्लाह ही के लिए बेहतरीन नाम हैं, तो उसे उन्हीं नामों से पुकारो।" जब हम अल्लाह को उसके सिफ़ाती नामों से पुकारते हैं, तो दुआ जल्दी कुबूल होती है। allah ke 99 naam ki fazilat in hindi pdf hot
रूहानी हिफाज़त और दिली मुरादों के लिए खास नाम allah ke 99 naam ki fazilat in hindi pdf hot
पूरे यकीन के साथ ज़िक्र करें कि अल्लाह आपकी ज़रूरतों को पूरा करने वाला है। बेदिली से किया गया ज़िक्र बेअसर रहता है। allah ke 99 naam ki fazilat in hindi pdf hot
किसी भी वज़ीफ़े को कम से कम 21 या 41 दिनों तक मुसलसल (लगातार) एक ही वक्त पर करने की कोशिश करें।
सहीह बुखारी की मशहूर हदीस है कि रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया, "बेशक अल्लाह तआला के 99 नाम हैं, यानी एक कम सौ। जो शख्स इन्हें महफूज़ रखेगा (याद करेगा, पढ़ेगा और उन पर अमल करेगा), वह जन्नत में दाखिल होगा।"