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कालचक्र दशा की गणना और फल।

विंशोत्तरी और अन्य दशाओं का फल। पारिजात योग (Parijata Yoga) Jataka Parijata (Vol 1, 2 & 3) in English by V S Shashtri

दो या दो से अधिक ग्रहों की युति का फल।

ज्योतिष शास्त्र के विद्वान इसे और बृहत जातक के समान ही दर्जा देते हैं। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

मांदि और गुलिक जैसे उपग्रहों का प्रभाव।

राशियों के स्वरूप और गुणों का वर्णन।

यह गर्ग, पाराशर और वराहमिहिर जैसे ऋषियों के विशाल होरा ग्रंथों का सार है।

जातक पारिजात में कुल और लगभग 1900 से अधिक श्लोक हैं:

महिलाओं की कुंडली देखने के विशेष नियम।

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